मायावती के खिलाफ भारतीय चुनाव आयोग के सामने एक दिन धरना प्रदर्शन, One Day Agitation Against Mayawati In front Of Election Commission Of India

वर्धा महाराष्ट्र

बहुजन समाज पार्टी यह एक राष्ट्रीय मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल है जिसे 1996 मे राष्ट्रीय पार्टी की मान्यता मिली थी जिसकी वर्तमान राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती है भारत मे कोई भी राजनीतिक दल चुनाव आयोग के अधीन होता है उसका रजिस्ट्रेशन होता है और रजिस्ट्रेशन करते समय इसमे राजनीतिक दल का संविधान यह लोकतांत्रिक होना चाहिए ऐसा लिखा होता है उसी आधार पर चुनाव आयोग राजनीतिक दल को मान्यता देता है ।

बहुजन समाज पार्टी का गठन 14 एप्रिल 1984 को होने के बाद उसका चुनाव आयोग के सामने रजिस्ट्रेशन हुआ उस समय बसपा का संविधान लोकतांत्रिक प्रक्रिया से जाकर पास हुआ लेकिन बसपा के संविधान मे अब तक 9 बार संविधान संशोधन हुआ है जिसमे बसपा के संस्थापक मान्यवर कांशीराम साहब के समय 2 बार और मायावती के समय 7 बार जो इस प्रकार है 30 मार्च 1997 , 28 जुलाई 2000, 6 एप्रिल 2007 , 27 जून 2009 , 15 अक्तूबर 2011, 18 मार्च 2018, 26 मई 2018, 15 जनवरी 2019 और अभी अंत मे 29 अगस्त 2019 ।

भारत मे लगभग 25 सौ राजनीतिक दल चुनाव आयोग के सामने रजिस्टर है उसमे 56 राज्य स्तरीय 8 राष्ट्रीय उन राजनीतिक दल को अपने दल का संविधान लोकतांत्रिक बनाना पड़ता है लेकिन बसपा का संविधान आज की वर्तमान परिस्थिति मे लोकतांत्रिक नही है जिसके कारण बसपा के अंदर मायावती की मनमानी चल रही है आए दिन बसपा से मायावती पदाधिकारी को निकालती है पार्टी मे नाम मात्र का लोकतंत्र बचा है इसलिए बसपा मे लोकतंत्र स्थापित करने के लिए और बसपा का संविधान लोकतांत्रिक बनाने की मांग को लेकर भारतीय चुनाव आयोग के सामने एक दिन धरना प्रदर्शन करने के लिए महाराष्ट्र के वर्धा जिले से हर्षवर्धन गोडघाटे जा रहे है ।

बसपा का संविधान लोकतांत्रिक बने, बसपा के अंदर लोकतंत्र स्थापित हो यही मुख्य मांग को लेकर वह बहुत जल्द धरना देने जा रहे है जिन साथियो को बसपा के अंदर लोकतंत्र स्थापित हो मायावती की मनमानी खत्म हो ऐसा लगता है उन सभी साथियो से उन्होने अपील की है, इस धरना प्रदर्शन मे शामिल हो ।  जैसे ही लॉक डाउन खुलता है धरना प्रदर्शन की  तारीख सबको सोशल मीडिया के माध्यम से दी जाएगी ।