Mayawati Became President Of BSP Within 3 Days and Remove Kanshiram ji From BSP National Commitee

बहुजन समाज पार्टी के संस्थापक राष्ट्रीय अध्यक्ष बहुजन नायक मान्यवर कांशीराम साहब और वर्तमान राष्ट्रीय अध्यक्ष मतलबी मायावती इनके बीच का फर्क मैं आप लोगों के साथ सब प्रमाण लेकर आ रहा हूं

बहुजन नायक मान्यवर कांशीराम साहब का जन्म 15 मार्च 1934 को हुआ और 15 सितंबर 2003 को ब्रेन स्ट्रोक आया मतलब उम्र के 69 साल में. बहुजन नायक मान्यवर कांशीराम साहब को जैसे ही ब्रेन स्ट्रोक आया मायावती ने तीसरे दिन ही बहुजन समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष का पद ग्रहण किया

सवाल यह पैदा होता है कि आखिर मायावती को यह कैसे पता चला कि बहुजन नायक मान्यवर कांशीराम साहब अब कभी भी तबीयत से रिकवर नहीं होंगे और मायावती को जल्दी राष्ट्रीय अध्यक्ष बनना चाहिए क्या सब 3 दिन में हो गया 3 दिन में पता चल गया अब राष्ट्रीय अध्यक्ष कांशीराम साहब कभी भी पूर्व स्थिति में नहीं आएंगे

ऐसा कौन सा अस्पताल है ऐसा कौन सा डॉक्टर है जिसने यह 3 दिन में बोल दिया कि अब बहुजन नायक मान्यवर कांशीराम साहब पूर्व स्थिति में नहीं आ सकते 3 दिन में कौन से अस्पताल में रिपोर्ट मायावती को दे दिए

मायावती ने 3 दिन में 18 सितंबर 2003 को राष्ट्रीय अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाली और बहुजन नायक मान्यवर कांशीराम साहब को राष्ट्रीय कमेटी से बाहर कर दिया था

अब हम मायावती का देखेंगे मायावती का जन्म 15 जनवरी 1956 को हुआ 18 मार्च 2018 को मायावती की 62 साल की उम्र थी उम्र के इस साल में मायावती को पता चला कि अगर उसको कुछ होता है तो मतलब वह बीमार हो जाती है या अपनी जगह से हिल नहीं सकेगी तो बहुजन समाज पार्टी के संविधान में उसने बदल कर दिया और संविधान में ऐसी तरतूद कर दी कि अगर मायावती बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष की हैसियत से कहीं आने जाने की स्थिति में नहीं रही या सक्रिय राजनीति नहीं कर सकी तो वह राष्ट्रीय संरक्षक बन जाएगी मतलब नेशनल पैट्रॉन और उस परिस्थिति में नवनियुक्त राष्ट्रीय अध्यक्ष को बहुजन समाज पार्टी के नेशनल पेट्रोन के मर्जी के बगैर कुछ भी ना करने की तरतूद बसपा के संविधान में मायावती ने कर दी

मायावती ने बहुजन समाज पार्टी के संविधान का सहारा लेकर कांशीराम साहब को ब्रेन स्ट्रोक आने के बाद सिर्फ 3 दिनों में कानून का सहारा लेकर बहुजन नायक मान्यवर कांशी राम साहब को राष्ट्रीय कार्यकारिणी से बाहर कर दिया और उसी कानून का सहारा लेकर मायावती बहुजन समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष को नाम मात्र बनाकर राष्ट्रीय संरक्षक बनने का सपना देखा था वैसी तरतूद मायावती ने बहुजन समाज पार्टी के संविधान में करके रखी थी

मेरे द्वारा लगातार भारतीय चुनाव आयोग को शिकायत करने के बाद मायावती को बहुजन समाज पार्टी के संविधान में जो मायावती ने नेशनल पैट्रॉन राष्ट्रीय संरक्षक बनने का जो प्रस्तुत किया था उसको बदलना पड़ा

अगर मायावती को बहुजन नायक मान्यवर कांशीराम साहब के तबीयत की इतनी ही चिंता होती और बहुजन आंदोलन की चिंता होती तो मायावती सिर्फ 3 दिन में बहुजन नायक मान्यवर कांशीराम साहब को राष्ट्रीय कार्यकारिणी से बाहर नहीं करती

अगर बहुजन नायक मान्यवर कांशीराम साहब मान लीजिए ऐसी स्थिति में होते तो जो संविधान संशोधन मायावती ने खुद के लिए किया वह बहुजन नायक मान्यवर कांशी राम साहब के लिए भी करती लेकिन मायावती के मन में तो कुछ और ही चल रहा था और अभी भी चल रहा है समय-समय पर मैं सारे सबूत सार्वजनिक करूंगा

अॅड हर्षवर्धन गोडघाटे
वर्धा महाराष्ट्र
9822836095 9850836095

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