Mayawati Declared Herself as Mahapurush and compared with Babasaheb Ambedkar Mahatma Fule Shahu Maharaj

मायावती की नजर में बहुजन समाज में जन्मे यह सात महापुरुष है जो मायावती ने उत्तर प्रदेश में स्मारक बनाए हैं उसके अंदर मायावती ने यह लगाया हुआ है

सबसे पहले तो मायावती ने यह कबूल करना चाहिए कि मायावती बहुजन समाज की नहीं सर्व समाज की है इसलिए मायावती ने अपने नाम के आगे सर्वजन समाज कि महापुरुष लिखना चाहिए

मायावती खुद को बहुजन समाज के महापुरुष कहती है और बहुजन समाज के लिए जिन जिन महापुरुषों ने संघर्ष किया उनके संघर्षों को भूल गई कौन से महापुरुष जो इसमें दिखाए गए हैं वह अपने जीवन में ऐशो आराम की जिंदगी जिए कौन से महापुरुष है जिन्होंने अपने लिए राजा महाराजाओं की तरह महल बनाया

बहुजन नायक मान्यवर कांशीराम साहब ने कब अपने जीवन में खुद के लिए महल बनाया बाबा साहब ने अपने जीवन में कब अपने लिए महल बनाया राष्ट्रपिता महात्मा फुले ने अपने लिए कब महल बनाया शाहू महाराज ने अपने लिए महाराज होकर भी कब अपने लिए ऐश आराम की जिंदगी जीने के लिए महल बनाया अगर बनाया हो तो दिखा दीजिए

बाबासाहब के जीवन को देखिए पैसे की कमी की वजह से अपने बच्चों तक को मरते हुए देखा लेकिन उनका उपचार नहीं करा सके और वही मायावती जो बाबासाहब के बाजू में अपनी प्रतिमा लगाती है लगभग 93 लाख के ऊपर के सिर्फ मायावती के पास सोना चांदी हीरे के गहने है मायावती किस नजर से महापुरुषों कि लाइन में खडे होने लायक है यह एक समीक्षा का विषय है